मुझे धीरे जवाब देने की इजाज़त है।
27 कथन
शांति कथन
मुझे कोहरे से लड़ना नहीं है; वह अपने आप छँट जाता है।
एक विचार बस एक मेहमान है; मैं उसे गुज़र जाने देता हूँ।
मेरी साँस एक लंगर है जिसे मैं हमेशा पा सकता हूँ।
मैं कंधे ढीले छोड़ता हूँ और दिन का बोझ ज़मीन पर टिकने देता हूँ, ख़ुद पर नहीं।
ख़ामोशी की इजाज़त है; मुझे हर चुप्पी भरनी ज़रूरी नहीं।
सूची वहीं रहेगी; पहले मेरी साँस।
सारे शोर के नीचे, शांति ही मेरा विश्राम-स्थल है।
जिसे मैं कसकर पकड़े था, उसे मैं ढीला छोड़ता हूँ।
ठहराव वह है जिसे चुनने की मुझे छूट है।
मैं अपने दौड़ते विचार नहीं हूँ; मैं वह हूँ जो उन्हें देख रहा/रही है।
मैं इस चिंता को पूरे दिन को नहीं, बस अगले दस मिनट को सौंपता/सौंपती हूँ।
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