किसी और से पहले, मैं अपना हूँ।
27 कथन
आत्म-प्रेम कथन
मैं बिना पहले हक़ कमाए भी आराम कर सकता हूँ।
मैं अभी बनता हुआ हूँ, और हर पड़ाव पर क़ाबिल हूँ।
मैं ख़ुद से किए छोटे-छोटे वादे निभाता हूँ।
मैं पीछे नहीं हूँ; मैं अपनी ही समय-रेखा पर हूँ।
जो धैर्य मैं औरों को इतनी आसानी से देता हूँ, वही ख़ुद को भी देता हूँ।
मैं जहाँ भी जाऊँ, मैं ख़ुद अपना घर हूँ।
मेरी ज़रूरतें ज़्यादा नहीं हैं; उन्हें मान देना मेरा काम है।
मैं अपने शरीर से माँगों से नहीं, आभार से बात करता हूँ।
मुझे खुद के बारे में अपनी राय बदलने की छूट है।
मुझे उस इंसान से आगे बढ़ने की अनुमति है जो मैं कभी हुआ/हुई करता/करती था/थी।
मैं अपनी ही स्वीकृति के लिए परीक्षा नहीं देता/देती।
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